मध्य प्रदेश नर्सिंग घोटाले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने GNM प्रथम वर्ष के रिजल्ट पर रोक लगाते हुए नर्सिंग काउंसिल से कॉलेजों के संसाधनों की पूरी रिपोर्ट मांगी है।
सर्वोच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के उस मनमाने निर्णय को रद्द कर दिया है, जिसमें GNM और ANM कोर्स के लिए 12वीं में बायोलॉजी विषय को अनिवार्य कर दिया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब राज्य में प्रवेश इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) के नियमों के आधार पर होगा, जिससे आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम के छात्र भी इन रोजगारोन्मुख कोर्सों में दाखिला ले सकेंगे। कोर्ट ने साथ ही इन नर्सिंग कोर्सों की प्रवेश परीक्षा की अनिवार्यता को भी समाप्त कर दिया है।
मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा का बड़ा संकट: 2025-26 सत्र के लिए 28,560 सीटों में से लगभग 10,825 सीटें (50% तक) खाली रहने का अनुमान है। जानें क्यों गिर रहा है छात्रों का भरोसा, क्या है फर्जी कॉलेजों और सरकारी निगरानी की कमी का असर।
मध्य प्रदेश में सभी नर्सिंग कॉलेजों का 30 जून, 2025 तक फिजिकल सत्यापन होगा। CBI जांच में फेल और अपात्र कॉलेज विशेष रडार पर हैं। इस कदम से राज्य में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है, क्योंकि कई कॉलेजों पर नियमों के उल्लंघन और सुविधाओं की कमी के आरोप हैं।
















